���� पुस्तक परिचय ���� श्री गुराजाडा अप्पाराव-एक ऐसे महान साहित्यकार, जिन्होंने अपनी कलम से समाज की वास्तविकता, मानवीय मूल्यों और सुधार की तीव्र ललक को जीवंत किया है। इस पुस्तक में उनकी अमर कहानियों का हिंदी रूपांतरण प्रस्तुत किया गया है, जिसमें "सुधार", "सुधारक का हृदय", "मटिल्डा", "आपका नाम क्या है?", "सौदामिनी" और "बड़ी मस्जिद" जैसी कालजयी कथाएँ संकलित हैं। प्रत्येक कहानी केवल एक कथा मात्र नहीं, बल्कि एक दर्पण है-जो समाज के अन्याय, धार्मिक अंधविश्वास, स्त्री-पुरुष समानता, प्रेम और मानवता की गहरी भावनाओं को उजागर करती है। इसकी सरल, प्रवाहमयी भाषा और प्रभावशाली कथानक पाठक को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। यह पुस्तक उन पाठकों के लिए एक अनमोल साथी है, जिनके लिए साहित्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन को मार्गदर्शन और मूल्यवान दिशा देने वाली एक शक्ति है। गुराजाडा की ये कहानियाँ आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके अपने समय में थीं।