मैं नाज़रीन अंसारी एक लेखिका के रूप में आप सबके समक्ष फिर से पहली पुस्तक 'माँ' एक बेटी के अहसास की कहानी, माँ से मेरे रिश्ते के अनुभव की कुछ और कड़ी आपसे जोडऩे आई हूँ। माँ के निश्छल प्रेम को, अथाह परिश्रम को, माँ के त्याग और बलिदान का थोड़ा और बखान करने की खातिर मैं इस पुस्तक में अपने दिल की कुछ और मर्मस्पर्शी यादों को जोडक़र आप सबसे बाँटने आई हूँ। माँ के लिए जितना भी लिखूँ, कम ही है।
इस पुस्तक में मैंने पिछले सारे अहसासों के साथ कुछ और जज़्बातों को जोड़ा है। यह मेरी पहली पुस्तक से ही जुड़ा हुआ भाग है। माँ के लिए बहुत-कुछ कहना है, माँ के लिए और क्या-क्या महसूस करती हूँ, आप सबसे साझा करना है। मेरे दिल की बातें, मेरे जज़्बातों के बहाव की रवानी आपको जरूर प्रसन्नचित्त करेगी। मेरे अहसास आपकी आँखों को पुरनम कर जाएँगे। माँ की ममता की गरिमा का अहसास दिलाएँगे और आपके हृदय को एक मार्मिक स्पर्श का अनुभव कराएँगे। आप सब पाठकों को मेरी पुस्तक पसंद आएगी, बस यही कामना करती हूँ।
बहुत सारी कविताओं और यादों के कुछ और पन्ने अपनी इस पुस्तक में जोड़ रही हूँ। आपसे अनुरोध है कि आप इस पुस्तक को पढ़ें, यह पुस्तक आप सबको अपने माता-पिता के और करीब ले जाएगी, क्यों