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Paperback Katra Katra Pyas (Hindi Edition) [Hindi] Book

ISBN: 9358696079

ISBN13: 9789358696073

Katra Katra Pyas (Hindi Edition) [Hindi]

आज गजलें जनसंवाद में अन्य विधाओं की बनिस्बत ज्यादा कारगर हो रही हैं। एक लम्बे अंतराल के बाद चिड़ियों की चहचहाहट और नदियों की कलकलाहट की तरह ताजातरीन एहसासों से भरी और अपने पूरे नयेपन के साथ उतरी गजलें पढ़ने को मिलीं। बेहद आत्मीयता से मन प्राण में सीधे उतरती गईं गजलें नये शायर अभिमन्यु अदीब की हैं। इनकी गजलें पढ़ते हुए जनपक्षीय परंपरा को आगे विस्तार पाते देख रहा हूँ। इस शायर के पास ऐसे कई शेर हैं जो जनता की जुबान पर बड़ी शीघ्रता से पहुँचेंगे। कुछ अशआर, जिन्होंने मुझे बेहद प्रभावित किये-

जुबान काट ली तुमने बयान से पहले मगर निगाहों से कहने का हक तो रखते हैं।

पंख नोचे जायँ तब भी हौसला खोना नहीं तीर का हमवार बन परवाज भरना चाहिये।

एक सच यूँ ही मुँह से निकला है और दरबार है खफा मुझसे।

तकरीर चल रही थी कि पीना हराम है  

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Format: Paperback

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