Skip to content
Scan a barcode
Scan
Hardcover Siddharth Shanker Ray [Hindi] Book

ISBN: 9356821208

ISBN13: 9789356821200

Siddharth Shanker Ray [Hindi]

ज्ञानेन्द्रपति ने 'आँख हाथ बनते हुए' (१९७१) से लेकर 'कविता भविता' (२०२०) तक अपनी काव्ययात्रा की आधी सदी पूरी कर ली है। वे अब भी रचनारत हैं और उन्होंने अपनी साँसों की लय कविता की लय से एक कर रखी है। उन्होंने अपनी कविता के लिए बार-बार जमीन तोड़ी है और काव्यवस्तु के साथ काव्यभाषा में भी नयी खिड़कियाँ खोली हैं। कविता को उन्होंने शुरू से ही स्वीकृत कर्म और दायित्व की तरह लिया है और केवल रचकर संतुष्ट हो जाने के बजाय 'पढ़ते-गढ़ते' में अपने विशिष्ट रचनानुभवों को भी सूत्रबद्ध किया है। उन्होंने अपनी कविता के कई 'क्लू' अपने साक्षात्कारों में दिए हैं तो भी अब जरूरी है कि हिंदी कविता के सुसंस्कृत भावक उनकी कृतियों का भावन - अनुभावन करें और पाठकों को उनके सौन्दर्य-स्रोत तक पहुंचने में मदद करें। सिद्धार्थ शंकर राय ने इस पुस्तक में विविध अध्येताओं के आलेखों का दृष्टिवान संकलन किया है। इन लेखों में कुछ विशेष काँध है, जिसके उजाले में कवि ज्ञानेन्द्रपति की मुकम्मल पहचान की जा सकती है। ज्ञानेन्द्रपति के कवि जीवन के प्रायः आरंभ से लेकर कोरोना काल तक की विरल स्मृतियों को आँकते हुए न केवल उनके काव्य-विकास और रचना-प्रक्रिया की विशेषता को लक्ष्य किया 

Recommended

Format: Hardcover

Condition: New

$45.71
Ships within 2-3 days
Save to List

Related Subjects

Children's Children's Books

Customer Reviews

0 rating
Copyright © 2026 Thriftbooks.com Terms of Use | Privacy Policy | Do Not Sell/Share My Personal Information | Cookie Policy | Cookie Preferences | Accessibility Statement
ThriftBooks ® and the ThriftBooks ® logo are registered trademarks of Thrift Books Global, LLC
GoDaddy Verified and Secured