'आभार योग अनुशासन और समर्पण की एक ऐसी जीवन शैली है, जिसमें
शरीर, श्वास और मन के मध्य पूर्ण सामंजस्य स्थापित कर इष्टतम स्वास्थ्य
एवं आंतरिक संतुलन प्राप्त किया जाता है। यह मानसिक वृत्तियों के गहन
स्तरों संस्कारों, मान्यताओं, अभिषातों, प्रवृत्तियों, धारणाओं,
प्रतिक्रियाओं और विचारों के निरंतर प्रवाह से ऊपर उठकर स्वयं के
श्रेष्ठतम स्वरूप की ओर विकसित होने की एक सुसंगठित विधि है।
इस पथ में संतुलित जीवन, आंतरिक-बाह्य स्वास्थ्य, और योग की
उच्चतम अवस्था की प्राप्ति हेतु एक जागरूक दिनचर्या अपनाई जाती है,
जिसमें नैतिक सिद्धांतों, उचित आहार एवं जल सेवन, तथा दैनिक
अभ्यासों में आसन, मुद्रा, प्राणायाम, योगनिद्रा और ध्यान का समावेश
होता है।