युधिष्ठिर स्वर्गारोहण
(चेतना का महाविज्ञान)
लेखक डॉ. अंबिकाप्रसाद क्षत्रिय (Ph.D.)
क्या महाभारत का महाप्रस्थान केवल एक पौराणिक कथा है, या वह मानव चेतना की अंतिम आध्यात्मिक यात्रा का सांकेतिक विज्ञान है? "युधिष्ठिर स्वर्गारोहण (चेतना का महाविज्ञान)" इसी गहन प्रश्न की खोज करने वाला एक अद्वितीय शोधग्रंथ है, जिसमें भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, दर्शन, ज्योतिष, चेतना-विज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक अवधारणाओं के मध्य एक वैचारिक संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया है।
इस पुस्तक में डॉ. अंबिकाप्रसाद क्षत्रिय ने महाभारत के महाप्रस्थानिक पर्व का विश्लेषण केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि चेतना, आत्म-विकास, कर्म, ऊर्जा और आध्यात्मिक उत्क्रांति के व्यापक परिप्रेक्ष्य में किया है। लेखक ने मेरु, स्वर्गारोहण, धर्म, मोक्ष और मानव अस्तित्व जैसे गूढ़ विषयों को आधुनिक चिंतन, वैज्ञानिक उपमाओं तथा भारतीय ज्ञान-परंपरा के आलोक में सरल और शोधपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया है।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो भारतीय शास्त्रों को केवल आस्था नहीं, बल्कि ज्ञान, दर्शन और आत्मबोध के स्रोत के रूप में समझना चाह