इंसान की ज़िंदगी हमेशा बड़े हादसों से नहीं बदलती। कई बार कुछ छोटी आदतें, कुछ गलत फैसले और कुछ गलत लोग धीरे-धीरे उसकी पूरी दुनिया को बर्बाद कर देते हैं। शुरुआत में जो चीज़ केवल शौक लगती है, वही धीरे-धीरे लत बन जाती है, और फिर वही लत इंसान से उसका सम्मान, रिश्ते, सपने और पहचान सब कुछ छीन लेती है।
"दो शराबी" केवल दो दोस्तों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस कड़वी सच्चाई का आईना है जिसे समाज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देता है। यह कहानी दिखाती है कि बुरी संगति कितनी खतरनाक हो सकती है और कैसे एक गलत आदत इंसान को धीरे-धीरे अंदर से खोखला कर देती है।
पहाड़ों की शांत वादियों में बसे एक प्रतिष्ठित रिहायशी विद्यालय की पृष्ठभूमि में यह कहानी आगे बढ़ती है। बाहर से अनुशासन, सफलता और सम्मान से भरा दिखाई देने वाला यह संस्थान भीतर ही भीतर कई अनदेखे संघर्षों का गवाह बनता है। खेल के मैदान में विद्यार्थियों को जीतना सिखाने वाले दो शिक्षक अपनी ही ज़िंदगी की लड़ाई हारने लगते हैं।
सुशील सुपारी और बिकग्ये शर्मा दोनों प्रतिभाशाली थे, दोनों के सपने बड़े थे, और दोनों ने एक ही रास्ते से अपनी यात्रा शुरू की थी। लेकिन समय के साथ उनके फैसले अलग होते गए। एक ने समय रहते ख