कुछ कहानियाँ अपराध से शुरू होती हैं।
कुछ कहानियाँ एक लाश से।
और कुछ कहानियाँ एक ऐसी डायरी से, जिसे हर हाल में दुनिया की नज़रों से छिपा देना चाहा गया।
"मृत क्लर्क की डायरी" एक काल्पनिक (फिक्शन) राजनीतिक एवं मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है। यद्यपि इसकी घटनाएँ, पात्र, स्थान और संस्थाएँ लेखक की कल्पना पर आधारित हैं, फिर भी यह उन नैतिक प्रश्नों को सामने लाती है जिनका सामना हर समाज कभी न कभी करता है-सत्ता और सत्य के बीच का संघर्ष, ईमानदारी की कीमत, भ्रष्टाचार का मौन तंत्र, और उन साधारण लोगों का साहस जो असाधारण परिस्थितियों में भी अपने विवेक से समझौता नहीं करते।
यह केवल एक सरकारी क्लर्क की मृत्यु की कहानी नहीं है।
यह उन फाइलों की कहानी है जो गायब हो जाती हैं...
उन दस्तावेज़ों की, जिन्हें इतिहास से मिटा दिया जाता है...
उन लोगों की, जिनकी आवाज़ दबा दी जाती है...
और उन सच्चाइयों की, जो वर्षों तक अंधेरे में दफ़्न रहने के बाद भी पूरी तरह मरती नहीं।
इस उपन्यास का नायक कोई सुपरहीरो नहीं है। वह एक सामान्य सरकारी अधिकारी है, जिसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी ईमानदारी है और सबसे बड़ी कमजोरी भी वही है। जैसे-जैसे वह एक साधारण-सी प्रतीत होने वाली मौत की परतें खोलता ह&