मुंबई स्ट्रीट सिब्लिंग्स चार ऐसे बच्चों की कहानी है, जिन्होंने बेघर होने की पीड़ा झेली, लेकिन एक-दूसरे का सहारा बनकर संघर्ष किया। यह सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि उन अनसुनी आवाज़ों की गूंज है, जो सड़कों पर सांस लेती हैं। यह पुस्तक उनके सपनों, संघर्षों और समाज की कठोर सच्चाइयों को उजागर करती है, जिससे हम यह सोचने पर मजबूर होते हैं कि क्या हम इन बच्चों के लिए कुछ कर सकते हैं?
About the Author:
मैं एक लेखिका और समाजसेवी हूँ, जिसने हमेशा उन कहानियों को उजागर करने की कोशिश की है, जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। मेरा लेखन मेरे अनुभवों, समाज की सच्चाइयों और इंसानी जज़्बातों का प्रतिबिंब है। मुझे शब्दों के माध्यम से लोगों के दिलों तक पहुँचने और बदलाव लाने में विश्वास है। यह पुस्तक मेरे इसी सफर का एक हिस्सा है, जहाँ मैं इन बच्चों की दुनिया को आपके सामने लाने का प्रयास कर रही हूँ। मेरे सामाजिक कार्यों और लेखन को सराहा गया है, और मुझे अब तक पांच पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। मैं विभिन्न NGO से जुड़कर समाज सेवा में सक्रिय हूँ और मेरा प्रयास हमेशा यही रहेगा कि मेरी लेखनी और सामाजिक कार्यों से सकारात्मक बदलाव आए।