इला कुमार भारत की कवि, उपन्यासकार, अनुवादक, उपनिषदवेत्ता एवं विचारक हैं। इनकी रचनाओं के मध्य मुख्य रूप से छह कविता-संग्रह, एक उपन्यास और एक कहानी-संग्रह है। इन्होंने प्रसिद्ध जर्मन कवि रेनय मारिया रिल्के और चीनी दार्शनिक लाओत्सु की कविताओं का अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद किया है। इनकी कोशिश रही है उपनिषद-ज्ञान और हिंदुत्व की ग्राह्यता को सुगम बनाने की, तो इसी क्रम में इन्होंने उपनिषद एवं हिन्दू-हिंदुत्व की पुस्तकें लिखी हैं। इन्होंने छांदोग्य उपनिषद की कहानियों का हिंदी में पुनःलेखन किया है और उपनिषदों पर चार पुस्तकें लिखी हैं। इला कुमार की कविताएं कई भाषाओं में अनुवादित हुई हैं- यथा बंगाली, पंजाबी, उड़िया, अंग्रेजी, जापानी वगैरह में। इनका प्रसिद्ध काव्य संग्रह "जिद मछली की" अंग्रेजी में (2011) अनुवादित हुआ है। इनकी रचनाएं भारत एवं विदेश की प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं। इन्हें अमेरीका, लंदन, सिंगापुर आदि देशों में विभिन्न विषयों पर वक्तव्य देने, चर्चा करने एवं काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया जाता है। प्रथम काव्य-संग्रह "जिद मछली की" (1995) द्वितीय काव्य संग्रह किन्हीं रात्रियों में (2002) उपन्यास "कृति
ThriftBooks sells millions of used books at the lowest everyday prices. We personally assess every book's quality and offer rare, out-of-print treasures. We deliver the joy of reading in recyclable packaging with free standard shipping on US orders over $20. ThriftBooks.com. Read more. Spend less.