फिरसोचो... क्या तुम सच में कुछकररहेहो? या सबकुछतुम्हारेमाध्यमसेकरवायाजारहाहै? यह पुस्तक एक ऐसी यात्रा है - जो तुम्हें चेतनमन से उठाकर अवचेतनकीगहराइयों तक ले जाएगी - जहाँ तुम्हारी आदतें, निर्णय, भाग्य और भविष्य - सब बनते हैं। अभिषेकनाथगिलारा इस पुस्तक में बताते हैं कि - हम जो कुछ सोचते हैं, महसूस करते हैं, और करते हैं - वह हमारे अवचेतनमनकीप्रोग्रामिंग का परिणाम है। यह वही मन है - जो सोतानहीं, जो हर क्षण ब्रह्मांडसेसंवाद करता है, जो तुम्हारे जीवन की पटकथापहलेसेलिखचुकाहै।यहपुस्तकतुम्हेंयहसिखाएगीकि - - कैसे अवचेतन मन तुम्हारे स्वास्थ्य, सफलताऔरकर्म को नियंत्रित करता है। - कैसे तुम अपने पुरानेमानसिकपैटर्न मिटाकर नएबनासकतेहो। - और कैसे ध्यान, भावनाऔरविश्वास से तुम्हारा अवचेतन ईश्वरकेसाथसह-निर्माण (Co-Creation) करने लगता है। यह कोई मनोविज्ञानकीकिताब नहीं, यह एक अनुभवकीसाधना है - जहाँ विज्ञान, अध्यात्मऔरआत्मबोध - तीनों एक साथ मिलते हैं। "जब तुम यह समझ
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