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Paperback Sugrivas Atlas [Hindi] Book

ISBN: B0HM9K7HYD

ISBN13: 9788169355568

Sugrivas Atlas [Hindi]

सुग्रीवाज् एटलस सुग्रीव द्वारा वर्णित रामायण काल की पृथ्वी का भौगोलिक विश्लेषण यह पुस्तक वाल्मीकि रामायण में दिए गए विवरणों, खास कर किष्किंधा कांड के 40वें से 43वें सर्ग के श्लोकों का वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। लेखक नीलेश ओक और दीपाली पाटवदकर ने इन प्राचीन संस्कृत श्लोकों का बारीकी से विश्लेषण किया है और उनका आधुनिक भूगोल से संबंध जोड़ा है। इसके अलावा, उन्होंने भू-विज्ञान, जलवायु-विज्ञान, मानचित्र-कला और मानव-विज्ञान के समकालीन शोधों के ज़रिए इन निष्कर्षों की पुष्टि की है। इस पूरी प्रक्रिया से निकले नतीजे हैरान करने वाले और ज्ञानवर्धक हैं। इस किताब में जिस रामायण का वर्णन है, उसका दायरा सिर्फ़ किसी एक इलाके तक सीमित न होकर पूरी दुनिया में फैला हुआ है। यह कहानी सिर्फ़ गंगा-यमुना की घाटियों या भारतीय उपमहाद्वीप तक ही सीमित नहीं है; बल्कि यह दक्षिण अमेरिका की एंडीज़ पर्वतमाला, यूरोप के आल्प्स पहाड़ों, उत्तर में आर्कटिक महासागर और दक्षिण में अंटार्कटिका के विशाल, बर्फीले इलाकों तक फैली हुई है। यह चित्रण केवल कवियों की कल्पना की उपज नहीं है, बल्कि असल अनुभव की झलक है। 'सुग्रीवाज़ एटलस' (Sugriva's Atlas) पुस्तक व्यवस्थित शो&

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Format: Paperback

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