Skip to content
Scan a barcode
Scan
Hardcover Sona aur Khoon (Bhaag -2) [Hindi] Book

ISBN: B0F5XZPF68

ISBN13: 9789356824980

Sona aur Khoon (Bhaag -2) [Hindi]

वही सख्त सर्दी थी। पेरिस गहरे कुहरे में डूबा हुआ था। मार्च का महीना था। उन दिनों पेरिस में सन्नाटा छाया हुआ था। यद्यपि अब दस बज चुके थे, पर सड़कों पर इक्को-दुक्के ही आदमी नजर पड़ते थे। गली-कूचे सुनसान थे। लोगों के मुँहपर हवाइयों उड़ रही थी। लुई की हत्या के बाद यूरोप-भर फ्रांस का दुश्मन हो गया था और यूरोप की शक्तियों ने उसे चारों ओर से घेर रखा था। इग्लैंड ने तो उसके कई इलाके दबोच लिये थे। स्पेन की सेनाएँ बड़ी चली आ रही थी। हालैंड और प्रशिया ने उत्तरी फ्रांस में मोर्चे बनाए हुए थे। राइन नदी से अस्कोट तक ढाई लाख तलवारें फ्रांस के नवजात प्रजातंत्र के विरुद्ध स्विची हुई थीं। फ्रांसीसी सेनाएँ घोर संकट में थीं। ये सब तरफ शार ती हार रही थीं। प्रत्येक दिशा से हार की स्वबरें पेरिस में आ रही थीं। सिपाही फटेहाल लीट रहे थे।

Recommended

Format: Hardcover

Condition: New

$40.99
Ships within 2-3 days
Save to List

Related Subjects

Fiction Literature & Fiction

Customer Reviews

0 rating
Copyright © 2026 Thriftbooks.com Terms of Use | Privacy Policy | Do Not Sell/Share My Personal Information | Cookie Policy | Cookie Preferences | Accessibility Statement
ThriftBooks® and the ThriftBooks® logo are registered trademarks of Thrift Books Global, LLC
GoDaddy Verified and Secured