शव-साधना एक रहस्यमयी और रोमांचक उपन्यास है जो एक छोटे से गाँव की कहानी को बयां करता है। देविन्दर की छोटी बेटी बिन्दी के अचानक गायब हो जाने से पूरे गाँव में हड़कंप मच जाता है। बिन्दी के माता-पिता और गाँववाले उसे ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं, लेकिन पुलिस की बेरुखी और गाँव की गरीबी उनके रास्ते में बाधा बनती है।
गाँव के लोग, जात-बिरादरी के साथ मिलकर बिन्दी की खोज में जुट जाते हैं। इस दौरान, देविन्दर और उसकी पत्नी सितली की बेबसी और दर्द को लेखक ने बखूबी चित्रित किया है। बिन्दी की मासूमियत और उसकी मेहनत को देखते हुए, पाठक उसकी सुरक्षा के लिए चिंतित हो जाते हैं।
जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, रहस्य और गहराता जाता है। बिन्दी का पता नहीं चलने पर गाँव में अफवाहें फैलने लगती हैं। कुछ लोग मानते हैं कि उसे किसी ने अपहरण कर लिया है, जबकि अन्य सोचते हैं कि वह किसी दुर्घटना का शिकार हो गई है।
अंततः, बिन्दी की लाश एक सुनसान जगह पर मिलती है, जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि उसके साथ बलात्कार हुआ था। इस घटना से गाँव में भय और आक्रोश फैल जाता है। देविन्दर और सितली के साथ-साथ पूरे गाँव को न्याय की तलाश में संघर्ष करना पड़ता है।
कहानी में कई म&