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Hardcover Sankhya Darshan (सांख्य दर्शन) [Hindi] Book

ISBN: 9359642185

ISBN13: 9789359642185

Sankhya Darshan (सांख्य दर्शन) [Hindi]

सभी मत वाले मानते हैं कि दर्शन की दृष्टि से सांख्]य-दर्शन या जीवन की सांख्]य-प्रणाली आदि प्रणालियों में मानी जाती है और भारतीय चिंतन-परंम्]परा की बात करते हुए 'के. दामोदरन' ने उसे मूल वैदिक प्रणाली नहीं माना और उनका यह भी कहना है कि महाभारत आदि में सांख्]य की विचारधारा मिल जाती है। उनके विचार में सांख्]य की विचारधारा मिल जाती है। उनके विचार में सांख्]य विचार-पद्धति, जो प्राचीनतम दार्शनिक प्रणालियों में से एक है, भारत के वैचारिक जीवन को एक लंबे समय तक काफी प्रभावित किए रही। कुछ विद्वानों के मतानुसार इस प्रणाली का नाम सांख्]य-प्रणाली इसलिए पड़ा कि यह वैदिक अवधारणाओं से नहीं, वरन तर्कपूर्ण और युक्तियंक्]त चिंतन के द्वारासत्]य की प्राप्ति की समर्थक थी। सांख्]य-प्रणाली, जैसा कि डैवीजी ने कहा है 'विश्]व की उत्]पत्ति, मनुष्]य की प्रकृति और उनके पारस्]परिक संबंधों तथा उनके भविष्]य के बारे में प्रत्]येक विचारवान मनुष्]य के मस्तिष्]क में उठने वाले रहस्]यपूर्ण प्रश्]नों के केवल युक्ति द्वारा उत्]तर देने का अब तक उपलब्]ध प्राचीनतम प्रयास है।

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Format: Hardcover

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