Skip to content
Scan a barcode
Scan
Paperback Pratidhavaniyaan: Kaavy Sangreh [Hindi] Book

ISBN: B0FHHTMJF1

ISBN13: 9789393582959

Pratidhavaniyaan: Kaavy Sangreh [Hindi]

पाठकों के अपार असीम स्नेहार्शिवाद के फलस्वरूप प्रतिध्वनियाँ नामक काव्य संग्रह सब महामाई और विघ्नहर्ता गौरी नन्दन की अपार कृपा से लिख पाया हूँ। इस काव्य संग्रह में गीत, गज़ल, कवितायें कई कुछ है। जो भाव तरंगित करते रहे उन्हें शब्दों में मनोयोग से पिरोता रहा, कागज़ पर उतारता रहा यानि कागज़ काले करता रहा। ये प्रतिध्वनियां कैसे उपजी ? क्यों उभरी ? मैं स्वयं नही जानता। अब संग्रह आपके हाथ है जो कुछ मुझ से बन पड़ा लिख दिया। आप पाठक भी है, न्यायधीश भी। अपने बारे इतना ही पर्याप्त होगा कि विकास, पत्रकारिता से जुड़ कर भला लगा और कार्य करते-करते संवेदनशीलता का उजास भीतर तक उतरता रहा। "सबरंग" कविता संग्रह 2022 में तथा "प्रतिध्वनियां" 2023 में पूरा किया। आशीर्वाद प्राप्त होगा तो अच्छा लगेगा। इस पुनीत कार्य में धार्मिक मेरी धर्मपत्नी श्री मति रंजना सोहर, दोनों सपुत्र आशीष और अमित सोहर पुत्रवधूये श्रुति सरस्वती, मिताली सोहर, पौत्र निवान, दिव्यांश और लाड़ली पौत्री दिविशा की भी भागीदारी है। लेकिन श्रुति सरस्वती का विशेष आभारी हूं जिन्होने इस के प्रकाशन में मुझे सक्रिय बनाये रखा। सफर जारी है।

Recommended

Format: Paperback

Condition: New

$20.09
Ships within 2-3 days
Save to List

Related Subjects

Fiction Literature & Fiction

Customer Reviews

0 rating
Copyright © 2026 Thriftbooks.com Terms of Use | Privacy Policy | Do Not Sell/Share My Personal Information | Cookie Policy | Cookie Preferences | Accessibility Statement
ThriftBooks ® and the ThriftBooks ® logo are registered trademarks of Thrift Books Global, LLC
GoDaddy Verified and Secured