Skip to content
Scan a barcode
Scan
Paperback Paryavaran Adhyayan [Hindi] Book

ISBN: 9357338985

ISBN13: 9789357338981

Paryavaran Adhyayan [Hindi]

ग्रीन इकोनॉमी इस बात पर जोर देती है कि क़ुदरती संसाधनों के संरक्षण के लिए जो लक्ष्य तय किए गए हैं, उन्हें हासिल किया जाए । मानव के विकास का पथ ऐसा होना चाहिए जिसमें वो क़ुदरती संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ तरक़्क़ी कर सके और दोनों ही ख़ुशी से साथ रह सकें । पर्यावरण को संरक्षित रखते हुये विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना ही ग्रीन ग्रोथ है । जब पर्यावरण को बचाने के साथ आर्थिक विकास भी हो तो ये ग्रीन ग्रोथ इकोनॉमी कहलाता है । ग्रीन ग्रोथ इकोनॉमी के लिए कुछ जरुरी कदम उठाने आवश्यक हैं । पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए ग्रीन ग्रोथ इकोनॉमी आवश्यक है । हरित अर्थव्यवस्था आने वाले भविष्य को ज़्यादा से ज़्यादा हरा भरा बनाने पर जोर देती है। प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाने के लिए अब 'हरित विकास' के विचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारतीय संस्कृति प्रकृति के साथ सहयोग और सह-अस्तित्व में विश्वास करती है । भारतीय वेदों मे जानवरों और पौधों सहित प्रकृति के सभी घटकों में सर्वोच्च शक्ति ईश्वर की कल्पना की गई है। इसीलिए छोटे से छोटे पौधे या जानवर को अनावश्यक रूप से मारना या यहाँ तक कि नुकसान ê

Recommended

Format: Paperback

Condition: New

$32.40
On Backorder
If the item is not restocked at the end of 90 days, we will cancel your backorder and issue you a refund.
Usually restocks within 90 days
Save to List

Related Subjects

Children's Children's Books

Customer Reviews

0 rating
Copyright © 2026 Thriftbooks.com Terms of Use | Privacy Policy | Do Not Sell/Share My Personal Information | Cookie Policy | Cookie Preferences | Accessibility Statement
ThriftBooks ® and the ThriftBooks ® logo are registered trademarks of Thrift Books Global, LLC
GoDaddy Verified and Secured