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Paperback Mayavi Amba Aur Shaitan [Hindi] Book

ISBN: B0BZJLTHBJ

ISBN13: 9789355210340

Mayavi Amba Aur Shaitan [Hindi]

वह छोटी बच्ची पूरी रात अपनी माँ को तलाशती रही। जोतसोमा के जंगल की बाड़ के पास पहुँचते ही उसकी साँसें थम गईं और एकाएक वह रुक गई। ये वही जंगल थे, जहाँ वे अपनी मरजी के मालिक बनकर घूमा करते थे। उस रात चाँद कुछ अनोखी चमक बिखेर रहा था। बाँजफल के बड़े पेड़ से माँ का शरीर झूल रहा था। मृत्यु के गहने की तरह उसने और कई अन्य महिलाओं ने उसे धारण किया था। यह सब बहुत तेजी से हुआ। चारों ओर छाया कुहरा गलकर सफेद धुंध बन रहा था, इतना गहरा कि चंद कदमों की दूरी पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। गाँव भी आँखों से ओझल हो गया था। जब धुंध छँटी, तब वहाँ वह छोटी लड़की कहीं भी नहीं थी। ऐसा लगा, जैसे वह निष्प्राण हवा में लुप्त हो गई हो। अपने पीछे दुर्गंध भरी गरमी छोड़कर और पत्थरों पर अपने पंजों के निशान, जैसे वे पत्थर मोम से बने हों! मौसम बदलने पर कुछ लोगों को जोतसोमा के घने जंगलों में जीव-जंतुओं की दिल दहलानेवाली भयानक चीख-पुकार के बीच अब भी उसका विलाप सुनाई देता है। बहुत ही मजबूत दिलवाले भी सूरज ढलने के बाद जोतसोमा के जंगलों में जाने की हिम्मत नहीं करते। -इसी पुस्तक से

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