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Hardcover Manu Ki Drishti Se Hindu Samaj [Hindi] Book

ISBN: 939201208X

ISBN13: 9789392012082

Manu Ki Drishti Se Hindu Samaj [Hindi]

समाज को मनु की दृष्टि से देखना अपने आप में एक नया अनुभव है। लंबे समय तक भारतीय समाज को बाँधकर रखनेवाले मनु पर चतुर्दिक होनेवाले वैचारिक प्रहार यह सोचने पर विवश करते हैं कि मनु की समीक्षा इस युग में आवश्यक है। इस पुस्तक को लिखते हुए यह उद्देश्य बिलकुल भी नहीं है कि मनु कि व्यवस्था को पुनः लाने का प्रयास किया जाए। किंतु लेखिका का यह उद्देश्य अवश्य है कि मनु, और इसी बहाने से प्राचीन भारतीय दर्शन को देखने कि एक नई दृष्टि दी जाए। अल्पज्ञ, भारतीय भाषाओं तथा संस्कृति से अनभिज्ञ पाश्चात्य (तथाकथित) भारतविदों के पूर्वग्रहयुक्त ग्रंथों और उनकी टिप्पणियों के आधार पर भारतीय दर्शन के मूल्यांकन को प्रवृत्ति पहले ही बहुत हानि कर चुकी है। अब इससे हटकर इस सबको देखने की आवश्यकता है। मनु की दृष्टि को पूरा समझने के लिए बहुत कुछ वह भी समझना पड़ता है, जो उनसे अनकहा रह गया है । बीच के बिंदु भरने के लिए इस पुस्तक में उनके समकालीन, पूर्व तथा परवर्ती ग्रंथों से संदर्भ भी लिये गए हें, जैसे अर्थशास्त्र, महाभारत, रामायण, कुछ उपनिषद्], पुराण, वेद आदि। आशा है यह पुस्तक भारत के प्राचीन समाज तथा जीवन-मूल्यों को देखने की नई दृष्टि की संभावना प्रस्तुत करने के उ&#

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