विक्टर ई. फ्रैंकल की मैन्स सर्च फॉर मीनिंग होलोकॉस्ट साहित्य की एक क्लासिक किताब है, जिसने कई पीढ़ियों के पाठकों पर गहरा प्रभाव डाला है। एन फ्रैंक की डायरी ऑफ ए यंग गर्ल और एली विजेल की नाइट की तरह ही कल की यह मास्टरपीस भी नाजी मृत्यु शिविर में जीवन की कालातीत पडताल करती है। साथ ही पीड़ा का सामना करने और अपने जीवन का उद्देश्य तलाशने के लिए फ्रैंकल के सार्वभौमिक सबक उन पाठकों को एक कभी न भूलनेवाला संदेश देते हैं, जो अपने जीवन में थोड़ी सांत्वना और मार्गदर्शन चाहते हैं। युवा पाठकों के लिए तैयार किया गया यह विशेष संस्करण फ्रैंकल के होलोकॉस्ट संस्मरण को तो संपूर्णता के साथ प्रस्तुत करता ही है, साथ ही मनोविज्ञान पर उनके लेखन का संक्षिप्त सार भी उपलब्ध कराता है। इसके अलावा इसमें विभिन्न तस्वीरें, यातना शिविर का नक्शा, शब्दों की परिभाषा, फ्रैंकल के पत्रों व भाषणों का संग्रह और उनके जीवन व होलोकॉस्ट की प्रमुख घटनाओं की टाइमलाइन भी दी गई है।
"Frankl still has much to teach the world."
--Meghan Cox Gurdon, Wall Street Journal
"Man's Search for Meaning is a book to read, to cherish, to debate, and one that will ultimately keep the memories of the victims alive."
--John Boyne, from the Foreword
"An enduring work of survival literature."
--New York Times
"One of the ten most influential books in America."
--Library of Congress