कपालकुंडला साहित्य प्रेमियों और पाठकों के बीच अपनी अद्वितीय प्रेम कहानी के लिए ख्याति प्राप्त है। जिसने भी इसे पढ़ा फिर वह इसका मुरीद हो गया। कापालिक की रहस्यमय तांत्रिक क्रियाएँ, नवकुमार का राह भटकना, नरबलि के लिए उद्वेलित मन और कपालकुंडला के प्रति नवकुमार के प्रेम का छिटकना तथा चरित्र पर संदेह करना; इस उपन्यास को रोचक, रोमांचक और पाठक मन को हर अध्याय के साथ पहले से अधिक जिज्ञासू बनाता है।