'प्रोफेसर विकास शर्मा द्वारा लिखित उपन्यास 'हनी ट्रैप' मनुष्य की आशा, अभिलाषा, तथा महत्वाकांक्षा पर आधारित है। यह चिकित्सा जगत के लोगों की कहानी है और उनके जीवन के अनुभवों तथा सुख- दुख को बयान करती है। जब हम उपन्यास के पात्रों से रुबरु होते हैं तब हम देखते हैं कि व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने हेतु कई बार ना सिर्फ अपनी निजी खुशियों का बलिदान देना होता है बल्कि अपने स्वास्थ्य तथा नैतिक मूल्यों को भी ना चाहते हुए दांव पर लगाना पड़ता है।
उपन्यास की शुरुआत मंगेश राजू से होती है जो कि एक महत्वकांक्षी युवक है और चिकित्सा जगत में उच्चतर तरीके की शिक्षा प्राप्त कर एक बेहतरीन चिकित्सक बनना चाहता है। लेकिन उसे अपनी मजबूरियाँ तथा पारिवारिक जिम्मेदारियां मालूम हैं। वह अपनी सहपाठी कुन्तल को बेहद पसंद करता है लेकिन उससे अपने दिल की बात नहीं कह पाता। उसका विवाह अपने पिता द्वारा चुनी हुई लड़की, देवरानी से होती है जो कि अपने साथ काफी दहेज लाती है और परिवार का कामकाज सम्भाल लेती है। मंगेश अपनी पढ़ाई के पश्चात, औरंगाबाद में हीं अपना कार्य जमाने की कोशिश में लग जाता है।
जब उसकी मुलाकत पुन कुन्तल से होती है तब वे दोनों अपनी भावनाएँ काबू में न&