Skip to content
Scan a barcode
Scan
Paperback Do Chaar Laina [Hindi] Book

ISBN: 9391571506

ISBN13: 9789391571504

Do Chaar Laina [Hindi]

मुझे कविताएँ लिखने और पढ़ने का शौक बचपन से ही था। लेकिन कविताएँ रखकर इधर उधर रख दिया करता था, और कुछ दिन बाद वो गुम हो जाती थीं। मुझे कबीर और रहीम के दोहे बड़े अच्छे लगते थे, और उन्हीं का अनुसरण करके मैं कभी कभी दोहे लिखा करता था। इसके अलावा मुझे ऑफिस में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी संचालित करने का बड़ा शौक था। वहां पर अतिथियों का स्वागत उनका आभार और उनकी विदाई के उपलक्ष में कुछ मुक्तक लिखकर उनको सुनाया करता था। इन्हें सुनकर सब खुश होते और प्रशंसा भी करते थे। इस तरह से मैंने बहुत सारे मुक्तक (दो चार लाईना) लिख डाला। इसके अलावा चूँकि मेरा बचपन प्रकृति के सानिंध्य में प्रतीत हुआ और प्राकृतिक चीज़ों से प्रभावित होकर मैंने प्रकृति सम्बंधित रचनाएँ भी लिखीं। ये पुस्तक मेरी प्रधान पुस्तक है, जिसके माध्यम से मैं उपरोक्त सभी रचनाओं को आप लोगों के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ। मुझे आशा है की मेरी कविताएँ आप लोगों को पसंद आएंगी।

Recommended

Format: Paperback

Condition: New

$14.65
Ships within 2-3 days
Save to List

Related Subjects

Poetry

Customer Reviews

0 rating
Copyright © 2026 Thriftbooks.com Terms of Use | Privacy Policy | Do Not Sell/Share My Personal Information | Cookie Policy | Cookie Preferences | Accessibility Statement
ThriftBooks® and the ThriftBooks® logo are registered trademarks of Thrift Books Global, LLC
GoDaddy Verified and Secured