अब नए अध्यायों के साथ
चाहे हमें बुरा प्रदर्शन कर रहे किसी कर्मचारी से निपटना हो, बच्चों की परवरिश या रुपए-पैसे जैसे मसलों पर अपने जीवनसाथी से असहमति जतानी हो, किसी जिद्दी ग्राहक के साथ सौदीबाज़ी करनी हो या फिर किसी को सिर्फ 'न' कहना हो अथवा किसी से 'मुझे माफ करना' या 'मैं तुमसे प्रेम करता हूँ' कहना हो, हर रोज हम ऐसी ही कई कठिन बातचीतों से बचने की कोशिश करते हैं। भले ही हम कितने भी सक्षम हों, कभी-कभी ऐसी बातचीतें हम सभी को करनी पड़ती है, जो हमारी चिंता और हताशा का कारण बन जाती हैं।
यह किताब आपके लिए सचमुच सहायक सिद्ध हो सकती है। पंद्रह सालों की रिसर्च पर आधारित कठिन बातचीत आपको कम तनाव और अधिक सफलता के साथ अपनी सबसे कठिन बातचीतों से निपटने का कदम-दर-कदम रास्ता दिखाती है। इसे पढ़कर आप सीखेंगे किः
हर कठिन बातचीत की अंतर्निहित संरचना को कैसे समझें।जो कहा जा चुका है और जो अब तक अनकहा है, उसका महत्त्व कैसे समझें।सामनेवाले को बचाव की मुद्रा में आने के लिए उकसाए बिना कठिन मुद्दे कैसे उठाएँ।अपनी और उनकी तीव्र भावनाओं का प्रबंधन कैसे करेंसामनेवाले की प्रतिक्रिया की परवाह किए बिना अपना संतुलन कैसे बनाकर रखें।रोजमर्रा क
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