"Dhundh Me Safar" एक प्रेरणादायक हिंदी उपन्यास है, जिसे लेखक अजय अग्रवाल ने संवेदनशीलता और यथार्थ के अद्भुत संतुलन से रचा है। यह कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन सभी सपने देखने वालों की है जो जीवन की धुंध में अपने मार्ग को खोजने का साहस रखते हैं। पुस्तक का नायक कठिन परिस्थितियों, सामाजिक विरोधों और नैतिक दुविधाओं के बीच अपने आदर्शों पर अडिग रहते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
लेखक ने मानवीय भावनाओं, राजनीति और समाज की जटिलताओं को बड़ी बारीकी से उकेरा है। पात्रों की सजीवता, संवादों की गहराई और घटनाओं का प्रवाह पाठक को आरंभ से अंत तक बाँधे रखता है। यह उपन्यास केवल संघर्ष की नहीं, बल्कि आत्मबल, ईमानदारी और मानवीयता की विजय की कहानी है।
"धुंध में सफर" जीवन के उन क्षणों को सामने लाती है जब इंसान को अपने ही निर्णयों के बीच सच्चे मार्ग का चयन करना पड़ता है। यह पुस्तक पाठक को यह सोचने पर विवश करती है कि सच्चाई की राह भले कठिन हो, पर अंततः वही संतोष और शांति देती है।
आधुनिक भारत के सामाजिक परिवेश, मानवीय मूल्यों और नैतिक पुनर्जागरण को दर्शाती यह कृति हर उस पाठक के लिए है जो साहित्य में प्रेरणा, संघर्ष और जीवन की सच्चाई तलाशता है।