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Hardcover Badlon Me Aag [Hindi] Book

ISBN: 9391390684

ISBN13: 9789391390686

Badlon Me Aag [Hindi]

बादलों में आग जैसा मुहावरा ज्यादातर हिन्दी भाषी पाठकों को कुछ अजनबी या बिजली कौंधने- कड़कने की ध्वति देता हुआ-सा लग सकता है लेकिन कश्मीर के जीवन और कश्मीरी भाषा में उसका एक निश्चित और शुभ अर्थ है। यह माना जाता है कि बादलों में अगर चिनगारियाँ दिखाई दें तो अगले दिन आसमान साफ होगा, धूप खिली होगी और बर्फ पर चमकती दिखेगी।क्षमा कौल की कविताओं की इस पहली किताब में बादलों से घिरी घाटियों,काले पड़ते आसमान और बर्फ और शीत के बीच अकसर दिख जाने वाली आग और धूप का वह स्वप्न मौजूद है जो अपने ''स्वर्ग'' से विस्थापित होकर शहरों में लाचार भटकते कश्मीरियों के स्वप्न से भी जुड़ गया है। क्षमा कौल स्वयं उन विस्थापितों में से एक हैं और उनकी डायरी ''समय के बाद'' अपनी मूलभूमि से बेदखल होने की पीड़ा और उसके छूटने की स्मृति के सघन वर्णन के कारण हिन्दी में चर्चित-प्रशंसित हुई है। उसमें एक ऐसे विस्थापित की सच्चाइयाँ थीं जो एक स्त्री भी है और ऐसी स्त्री की भावनाएँ थीं, जो एक विस्थापित भी है।** निष्कासन,विस्थापन और निर्वासन क्षमा कौल की सम्वेदना के केन्द्रीय बिम्ब हैं। लेकिन उनकी कविता का सफर निर्वासन में जाकर समाप्त नहीं होता, बल्कि वहाँ से शुरू होता है और इसीë

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Format: Hardcover

Condition: New

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