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Paperback Apradhi (अपराधी) [Hindi] Book

ISBN: 9379384459

ISBN13: 9789379384454

Apradhi (अपराधी) [Hindi]

आचार्य चतुरसेन शास्त्री का उपन्यास 'अपराधी' उनके सामाजिक उपन्यासों की श्रेणी में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक कृति है। यह पुस्तक समाज द्वारा तय किए गए 'अपराध' और 'न्याय' के मापदंडों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इस उपन्यास में चतुरसेन जी ने यह दिखाने का प्रयास किया है कि कोई व्यक्ति जन्म से अपराधी नहीं होता, बल्कि समाज की विषमताएँ, परिस्थितियाँ और व्यवस्था का अन्याय उसे अपराध की राह पर धकेल देते हैं। लेखक ने बहुत सूक्ष्मता से इस बात को उभारा है कि जिसे समाज 'अपराधी' कहकर तिरस्कृत करता है, वह अक्सर स्वयं व्यवस्था के दोषों का शिकार होता है।
प्रमुख विशेषताएँ
- सामाजिक मनोवैज्ञानिक विश्लेषणः लेखक ने अपराधी की मानसिक स्थिति और उसके पीछे के सामाजिक कारणों का गहराई से अन्वेषण किया है। यह उपन्यास केवल घटनाप्रधान न होकर मनोवैज्ञानिक अधिक है।
- न्याय व्यवस्था पर प्रहारः चतुरसेन जी ने इसमें दिखाया है कि कानून की आँखें अक्सर गरीब और मजबूर के लिए अलग और रसूखदारों के लिए अलग क्यों हो जाती हैं।
- यथार्थवादी चित्रणः शास्त्री जी की लेखनी की धार यहाँ बहुत पैनी है। उन्होंने जेल के भीतर के जीवन और बाहर के समाज के पाखंड को पूरी नग्

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Format: Paperback

Condition: New

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