Skip to content
Scan a barcode
Scan
Hardcover Adivasi Lok-Samaj [Hindi] Book

ISBN: 9355718381

ISBN13: 9789355718389

Adivasi Lok-Samaj [Hindi]

यह पुस्तक लेखक के गहन आदिवासी एवं लोक समाजों से निकले अनुभवों पर आधारित है। उनके सहज एवं समान तालमेल, तारतम्य, बंदोबस्त, दैनिक जीवन और भिन्]न बोलियों की सहज-सुलभ रफ्तार तथा प्रकृति से सहज साझापन अलग होकर भी हाल तक एक जैसे हुआ करते थे-दोनों प्रकृति को अविजित रखते। अपनी स्थिरता तथा सन्नाटा खो पिछले चंद दशकों में आदिवासी एवं लोक समाजों में वैसा साझापन अब समाप्त हो रहा हैगहन वनस्पति, मनुष्य, पशु, पुरखे, पहाड़, देवी, देवता, अंतरिक्ष, स्थूल एवं सूक्ष्म की समानांतर उपस्थिति, उनसे बने तारतम्य और फासले, दैनिक जीवन की एक अहस्तक्षेपित, अव्यस्त-सी लय व गति (या गतिहीनता)--ये समाज इन्हीं में रहा करते। अपने विस्तार, वीरान एवं रिश्ते लिये सबकी मिली-जुली बिरादरी होती। बस्तर के अबुझमाड़ जैसे प्राचीन एवं गहन इलाके में लोग कार्य न करते, न ही जानते, न जीविका न व्यवसाय, न रुझान रखते, फिर भी पिछले सौ वर्षों की स्मृति में भुखमरी सुनने में न आती। न अपराध, न हिंसा। गिनती पाँच तक। शब्दावली कोई तीन सौ शब्दों की। मौन की संस्कृति। संप्रेषण भरपूर। इससे अधिक कुछ नहीं चाहिए.यह पुस्तक आधुनिकता या सामाजिक विज्ञान के मुहावरे से निकल हाल तक के ऐसे समाजों और जीवन-दृषî

Recommended

Format: Hardcover

Temporarily Unavailable

We receive fewer than 1 copy every 6 months.

Save to List

Related Subjects

Children's Children's Books

Customer Reviews

0 rating
Copyright © 2026 Thriftbooks.com Terms of Use | Privacy Policy | Do Not Sell/Share My Personal Information | Cookie Policy | Cookie Preferences | Accessibility Statement
ThriftBooks® and the ThriftBooks® logo are registered trademarks of Thrift Books Global, LLC
GoDaddy Verified and Secured