सुप्रसिद्ध साहित्यकार सुश्री भावना भट्ट का परिचय लगभग तीन साल पहले 'फेसबुक' पर हुआ था। साहित्य चर्चा के दरमियान मालूम पड़ा कि वो सिर्फ हिन्दी भाषा की लेखिका ही नहीं बल्कि उत्तम अनुवादक भी हैं। गुजराती साहित्य की बहुत-सी रचनाओं का उन्होंने हिंदी में अनुवाद किया है। मेरी कविता में भी उनकी रुचि हुई और कुछ रचनाओं का हिंदी अनुवाद करने की भी इच्छा प्रकट की - किसी भी आर्थिक पुरस्कार या किसी अन्य अपेक्षा के बिना ही, सिर्फ काव्यप्रेम के कारण ही लेकिन उस वक्त हमारी व्यस्तता के कारण इस काम की बारी अब आई। उन्होंने मेरे काव्य पसंद करने में भी मेरी मदद की। मेरे अभी तक प्रकाशित हुए सात काव्यसंग्रहों में से हमने 95 काव्य पसंद किए और उन सभी काव्यों का उन्होंने समय पर उत्तम हिंदी अनुवाद किया। गुजराती में तो प्रकाशित हो ही चुके हैं इसलिए इन सभी काव्यों की एक अलग हिंदी पुस्तक करना निश्चित किया और नाम रखा ' मूर्तियाँ ' (Moortiyan)
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Poetry