मानव उन्नति का समाधान - L2Q प्रश्न-प्रणाली ही वह अनुपस्थित शिक्षा-मार्ग है।
पीढ़ी दर पीढ़ी मानवता उन्हीं समस्याओं, व्यवहारों, प्रणालियों, आख्यानों और पैटर्नों को दोहराती रही है।
प्रश्न करना पहले से मौजूद था। सूचना पहले से मौजूद थी। साक्ष्य पहले से मौजूद थे। शिक्षा पहले से मौजूद थी। फिर भी पुनरावृत्ति जारी रही।
अनुपस्थित चीज़ अधिक प्रश्न, सूचना, साक्ष्य या शिक्षा नहीं थी, बल्कि वह संरचित शिक्षा-मार्ग था जो लोगों को विश्व-परिवेश पर प्रश्न करना, उसे देखना, समझना और उससे सीखना सिखाए।
बच्चे विश्व-परिवेश से सीखते हुए बड़े होते हैं। यदि उन्हें उस पर प्रश्न करना और उससे सीखना नहीं सिखाया जाता, तो वही परिवेश अगली पीढ़ी तक जारी रहता है।
L2Q प्रश्न-प्रणाली वही अनुपस्थित शिक्षा-मार्ग प्रदान करती है।
यह Book of Evidence से विकसित हुई, जिसमें 30 से अधिक वर्षों के प्रत्यक्ष अनुभव, दिनांकित घटनाक्रम, सार्वजनिक अभिलेख, वीडियो, पत्राचार और साक्ष्य दर्ज हैं।
L2Q की नौ आधारभूत संरचनाएँ हैं स्रोत और उद्गम; साक्ष्य मानक; प्रोत्साहन और लाभ; चरित्र और संगति; प्रश्न करने की अनुमति; भावनात्मक प्रभाव; आख्यान और वास्तविकता; मनोवैज्ञानिक प्रभाव; हर जगह