स्वर्ग की छुपी राह एक ऐसा एडवेंचर, यात्रा की कहानी है जो हिमालय की बर्फ़ीली चोटियों, कंन्द्राओ, गुफाओ, घाटियों के बीच खोयी हुई स्वर्ग जिसे केवल कहानियो मे कहा और सुना जाता है की एक चौथे आयाम मे एक विकसित सभ्यता है जो आँखो से ओझल है। जिसे लोग धरती पर छिपा हुआ स्वर्ग बोलते है। इसके कई नाम हैं जैसे शांगरी -ला, ज्ञानगंज, सिद्धांश्रम, संभाला आदि नामो से पुकारते हैं। एक युवक जिसका नाम आरव शर्मा हैं जो की काँगड़ा, हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है। बचपन से ही वह प्रकृति प्रेमी और मानवता वादी और आध्यत्मिक व्यक्ति रहा हैं। ऐसे तो वह पेसे से एक न्यूज़ रिपोर्टर और कैमरामैन है. लेकिन उसकी आत्मा हमेशा से हिमालय की गोद मे छिपी हुई दिव्य कल्पना नगरी की तलाश मे है। उसके जीवन मे आखिरकार ऐसा समय आता है की वह इस काल्पनिक स्वर्ग को खोजने अपने आत्मा की आवाज सुनकर निकल पड़ता है। कई महीनों के ख़तरनाक, जोखिम से भरा और मरने जीने की हद को पर करते हुए एक ऐसे स्थान मे पहुँच जाता है जहाँ समय थम जाता है। शरीर की सीमाएं अर्थहीन हो जाती है। और चेतना स्वं से परिचित होने लगती है। वहाँ पहुंचना आसान नहीं और लौटना उससे भी कठिन है। यदि कोई लौट भी गया तो अपने साथ एक अलग ही सत्य लेकर लौ