Book Title: Dharm, Aatma aur Ishwar
Author: Swami Anant Maitreya
इस पुस्तक में स्वामी अनंत मैत्रेय धर्म को न केवल एक मार्ग बल्कि एक लक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करते हैं, और आत्मज्ञान को प्राप्त करने के लिए आवश्यक आत्म-संवाद की प्रक्रिया पर जोर देते हैं। लेखक का मानना है कि धर्म, आत्मा और ईश्वर का ज्ञान अंतर्निहित शांति और स्थायी सुख की ओर ले जाता है, जो अंततः आत्मज्ञान की प्राप्ति के रूप में प्रकट होता है।
पुस्तक में यह भी बताया गया है कि आत्मा और ईश्वर का साक्षात्कार तभी संभव है जब मनुष्य अपने मन का गहन अवलोकन करता है और अपने भीतर के डर, अहंकार और अन्य विकारों से मुक्ति पाता है। स्वामी अनंत मैत्रेय ने यह सिद्धांत प्रस्तुत किया है कि आत्मज्ञान प्राप्त करने के लिए मनुष्य को अपने भीतर का "घर" याद दिलाना जरूर&