पाठकों के लिए.....
यह कहानी किसी एक व्यक्ति की नहीं है।
यह कहानी उन लाखों युवाओं की है
जो सपनों और जिम्मेदारियों के बीच
हर दिन एक नया निर्णय लेते हैं।
अगर आप भी कभी
अपने ही जीवन में
खुद को अधूरा विजेता महसूस कर चुके हैं-
तो यह कहानी आपकी है।
✍️ रवि कुमार
"जो अँधेरे के बाद की पहली रोशनी लिखता है।"