हमारा जीवन रिश्तों की ताने-बाने से बुना हुआ है, और शुरुआती बंधन, खासकर माता-पिता या देखभाल करने वालों के साथ, हमारे विकास का एक महत्वपूर्ण आधार बनाते हैं। मनोविज्ञान के क्षेत्र में, लगाव सिद्धांत यह समझने का प्रयास करता है कि ये कैसे प्राथमिक रिश्ते हमारे जीवन के बाकी हिस्सों को आकार देते हैं। इस अध्याय में, हम डॉ. जॉन बाउलबी के अग्रणी सिद्धांत में गहराई से देखेंगे, विभिन्न लगाव शैलियों का पता लगाएंगे, और उनके जीवन भर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा करेंगे।बाउलबी का सिद्धांत डॉ. बाउलबी ने आधुनिक लगाव सिद्धांत के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने विकासवादी दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि लगाव व्यवहार हमारे जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण है। शिशुओं के लिए, अपने देखभाल करने वालों के करीब रहना सुरक्षा और पोषण की गारंटी देता है। यह निकटता भावनात्मक जुड़ाव का आधार भी बनती है, जो शिशुओं को सामाजिक और भावनात्मक रूप से विकसित होने में मदद करती है।बाउलबी ने एक सुरक्षित आधार की अवधारणा भी पेश की। एक सुरक्षित आधार एक विश्वसनीय देखभालकर्ता होता है, जो लगातार मौजूद रहता है और बच्चे की जरूरतों के प्रति उत्तरदायी होता है। बच्चे इस
ThriftBooks sells millions of used books at the lowest
everyday prices. We personally assess every book's quality and offer rare, out-of-print treasures. We
deliver the joy of reading in recyclable packaging with free standard shipping on US orders over $15.
ThriftBooks.com. Read more. Spend less.