पुस्तक का संक्षिप्त परिचय
इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य प्राचीन ऋषियों द्वारा अभ्यास किए गए "साधना तत्त्व" के सार को प्रकाशित करना है। इसमें योगीजी के साधना के निजी अनुभवों, साधना के मूल सिद्धांतों एवं तैयारी, तथा साधना जीवन कैसे जिया जाए इसकी उनकी मार्गदर्शनपूर्ण बातें शामिल हैं। साथ ही मानव शरीर की ऊर्जा-संरचनाओं की जानकारी भी दी गई है। योगीजी का गणेश लोक, कृष्ण लोक की यात्रा तथा कुछ बाकी रह गए विषयों का भी इसमें समावेश है। उनकी प्रत्येक उक्ति में गहन एवं छिपे हुए आध्यात्मिक रहस्य हैं, जो उनके अपने शब्दों में उनकी आध्यात्मिक यात्रा की एक झलक प्रदान करते हैं।