सुगासभक संग प्रकृतिक रंगीन चमकक उत्सव
दादा होयबाक नातें लेखक नन्हा बच्चासभकेँ रंगक किताब पढ़ि सुनबैत आनंदक अनगिनत घड़ी बितौने छथि। मुदा बहुत बेर हुनका ई किताबसभ फीका आ नीरस लगलनि। संसार अद्भुत आकार आ रंगसँ भरल अछि। जखन प्रकृति एतेक किछु देखबैत अछि, तखन बेजान कार्टूनसँ किएक संतोष करी?
बच्चासभकेँ रंगक नाम सिखेबाक सबसँ नीक उपाय खोजैत ओ अपना सँ पूछलनि प्रकृतिमे एहन की अछि जाहिमे एतेक चटकीला रंगक विविधता हो आ जे नन्हा आँखि आ मोनकेँ मोहि ले?
उत्तर एक अनमोल खजानाक रूपमे भेटलनि Histoire Naturelle des Perroquets। फ्रांस्वा लेवैयांक ई चित्र 1800क दशकक आरंभमे पेरिसक प्रिताने विद्यालयमे चित्रकला प्राध्यापक बुकेक निर्देशनमे बनाओल गेल छल। ओकर सुंदरता आ चमक देखि लेखक चकित भऽ गेलाह।
सूगासभक रंगमे ई सुंदर ऐतिहासिक चित्र फेर जीवंत भऽ उठैत अछि आ दुनिया भरिक बच्चासभ लेल आनंददायक आ ज्ञानवर्धक यात्रा बनि जाइत अछि। हर पन्ना चमकीला पाँखिसँ जगमगाइत अछि आ नन्हा पाठकसभकेँ प्रकृतिक किछु अत्यन्त सुंदर पक्षीक संग रंग देखबा आ ओकर नाम सीखबाक निमंत्रण दैत अछि।